मृत्युंजय महादेव मंदिर
शिव मंदिरभगवान शिव
समय
सुबह 4:30 - रात 11:30
प्रवेश शुल्क
निःशुल्क
अवधि
30 मिनट - 1 घंटा
निकटतम घाट
विवरण
एक शक्तिशाली शिव मंदिर जहाँ महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जाप होता है। इसमें धन्वंतरि कूप है — एक प्राचीन औषधीय कुआँ। यह मंदिर मृत्यु के भय पर विजय प्रदान करता है। भक्तों का विश्वास है कि कूप का जल पीने से जीर्ण रोग ठीक होते हैं।
आरती का समय
इतिहास
यह मंदिर प्राचीन है, पुराणिक ग्रंथों में इसका उल्लेख है। इसके अंदर धन्वंतरि कूप को हजारों वर्ष पुराना माना जाता है। तुलसीदास ने यहाँ हनुमान प्रतिमा स्थापित की। ऐतिहासिक रूप से आयुर्वेदिक चिकित्सक उपचार के लिए कूप से जल एकत्र करने यहाँ आते थे।
महत्व
मृत्युंजय का अर्थ है मृत्यु पर विजय। यहाँ महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से जीर्ण रोगों और मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।
वेशभूषा
सादा पारंपरिक वस्त्र।
सुझाव
- 1 धन्वंतरि कूप का जल औषधीय माना जाता है — स्वास्थ्य लाभ के लिए पिएँ।
- 2 अधिकतम आध्यात्मिक लाभ के लिए अपनी यात्रा के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
- 3 रात 11 बजे की आरती एक शक्तिशाली और कम ज्ञात अनुभव है।
- 4 दशाश्वमेध घाट के पास स्थित — गंगा आरती देखने के साथ संयोजित करें।
- 5 तुलसीदास द्वारा स्थापित प्राचीन हनुमान प्रतिमा एक अनूठी ऐतिहासिक विशेषता है।
- 6 सुबह जल्दी जाना सबसे अच्छा है जब जाप का माहौल सबसे तीव्र होता है।
त्योहार
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