Skip to main content
अन्नपूर्णा मंदिर

अन्नपूर्णा मंदिर

विष्णु मंदिर

देवी अन्नपूर्णा

25.3112, 83.0100
4:00 AM - 11:30 AM, 7:00 PM - 11:00 PM

समय

4:00 AM - 11:30 AM, 7:00 PM - 11:00 PM

प्रवेश शुल्क

Free

अवधि

20 - 30 minutes

निकटतम घाट

Dashashwamedh Ghat →

विवरण

देवी अन्नपूर्णा (पार्वती) को समर्पित, भोजन और पोषण की देवी। 1729 में पेशवा बाजी राव द्वारा निर्मित, इस मंदिर में स्वर्ण मूर्ति है जो केवल अन्नकूट दिवस पर दिखती है, जबकि दैनिक पूजा के लिए पीतल की मूर्ति का उपयोग होता है। यह मंदिर सामुदायिक भोजन की पवित्र परंपरा का जीवंत प्रमाण है।

आरती का समय

Morning Aarti
4:30 AM
Evening Aarti
7:00 PM

इतिहास

1729 में पेशवा बाजी राव प्रथम द्वारा निर्मित। मंदिर में दो मूर्तियाँ हैं — देवी अन्नपूर्णा की स्वर्ण मूर्ति (केवल अन्नकूट पर दिखती है) और दैनिक पूजा के लिए पीतल की मूर्ति। कहा जाता है कि पार्वती ने शिव को भोजन के माया होने के दावे को गलत सिद्ध किया। मंदिर की रसोई लगभग तीन शताब्दियों से तीर्थयात्रियों को मुफ्त भोजन परोस रही है।

महत्व

अन्नपूर्णा का अर्थ है भोजन देने वाली। यह उन चुनिंदा मंदिरों में से एक है जहाँ रोजाना प्रसाद बांटा जाता है। स्वर्ण मूर्ति वर्ष में केवल एक बार अन्नकूट पर दिखती है। काशी विश्वनाथ से कुछ ही कदम दूर स्थित, यह दिव्य भोजन-पोषण-मुक्ति त्रिकोण को पूरा करता है।

वेशभूषा

Modest traditional attire.

फोटो गैलरी

सुझाव

  1. 1 प्रसाद (भोजन) रोजाना सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक मिलता है — इसे न चूकें।
  2. 2 स्वर्ण मूर्ति केवल अन्नकूट दिवस (दिवाली के अगले दिन) पर दिखती है — योजना बनाएँ।
  3. 3 काशी विश्वनाथ मंदिर के दौरे के साथ संयोजित करें — यह कुछ ही कदम दूर है।
  4. 4 पार्वती और शिव की कहानी बहुत रोचक है — दीवार की शिलालेख पढ़ें।
  5. 5 सुबह के दर्शन (4-6 बजे) सबसे शांत होते हैं।
  6. 6 दैनिक पूजा में उपयोग होने वाली पीतल की मूर्ति बहुत सुंदर है।

त्योहार

Annakut Diwali Makar Sankranti Navratri

नाव से पहुँचें

अभी ऐप डाउनलोड करें और अन्नपूर्णा मंदिर के निकटतम घाट के लिए बोट बुक करें

100% सुरक्षित
सत्यापित नाविक
लाइव ट्रैकिंग

नवीएक्स ऐप डाउनलोड करें

ऑफर्स पाएं — अप टू 20% OFF 🪔

ऐप डाउनलोड करें
📱 Download NaviX to Book