तुलसी घाट
ऐतिहासिक घाटकाशी का साहित्यकी घाट। तुलसीदास ने यहीं पर रामचरितमानस लिखा था। इसके पास बड़ेपुर में एक प्रसिद्ध मंदिर भी है।



प्रकार
ऐतिहासिक घाट
नाव किराया
बेस किराये का 1.1 गुना
सबसे उपयुक्त समय
सुबह 6-10 बजे जब सूर्य उगते समय घाट पर प्रकाश ढलता है।
षोडशवंश के राजा नरेंद्रदेव ने 1670 में इस घाट का निर्माण करवाया था। मंदिर के पीछे रखे ग्रंथों को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष कमरा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इस घाट का पुनर्निर्माण किया गया था। इसके चबूतरे पर रामचरितमानस के श्लोकों की सुन्दर ढाल की गई हैं।
मुख्य बातें
- Ramcharitmanas rachna ka pavitra sthal
- Lolark Kund — kaal ko dosh nivaran
- Sankat Mochan Hanuman Mandir paas me
- Sant-sahitya ki smriti se bhara mahaul
त्योहार और महोत्सव
बोट किराया अनुमान
स्लाइडर घुमाएँ और अपने हिसाब से किराया देखें
* अनुमानित मूल्य, असली किराया कैप्टन से पुष्टि करें
सुबह 6:00 और शाम 6:00 बजे
पास के तुलसी मनस मंदिर में
ऐसे ही और घाट
इस घाट पर बुक करें — सूचित करें
अभी ऐप डाउनलोड करें और तुलसी घाट के लिए बोट बुक करें