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दैनिक अनुष्ठान

गंगा आरती गाइड

भारत का सबसे भव्य दैनिक अनुष्ठान। सात पुजारी, विशाल जलते दीये, और 1,000 साल की परंपरा।

6:30 रोज़ शाम
7 पुजारी
45 मिनट

मौसम के अनुसार आरती समय

सर्दी (अक्टूबर-फरवरी)

6:30 बजे

शाम की आरती

आरती के लिए सबसे सुखद मौसम

गर्मी (अप्रैल-जून)

7:00 बजे

शाम की आरती

गर्म — पानी और हाथ का पंखा लाएं

मानसून (जुलाई-सितंबर)

6:30 बजे

शाम की आरती

बारिश का सामान जरूरी, घाट गीले हो सकते हैं

देखने के विकल्प

घाट की सीढ़ियां (मुफ्त)

मुफ्त

दृश्य: ★★★★★ • भीड़: बहुत ज्यादा

प्रामाणिक अनुभव। अच्छी जगह के लिए 60-90 मिनट पहले पहुंचें। तीर्थयात्रियों और साधुओं के साथ सीढ़ियों पर बैठें। कोई बैठने की व्यवस्था नहीं।

छत का रेस्तरां

₹200-500

दृश्य: ★★★★★ • भीड़: मध्यम

ऊंचा दृश्य, कम भीड़, खाना/पीना ऑर्डर कर सकते हैं। परिवारों के लिए बेस्ट। पीक सीजन में सीटें अग्रिम में बुक करें।

साझा बोट

₹100-300/व्यक्ति

दृश्य: ★★★★☆ • भीड़: कम

अनूठा तैरता हुआ दृश्य। पानी से वापस घाटों को देखें। कम भीड़ और बहुत वातावरण।

निजी बोट

₹1,200-2,000

दृश्य: ★★★★★ • भीड़: कोई नहीं

बेस्ट अनुभव। निजी जगह, सबसे अच्छा कोण। सनसेट बोट राइड के साथ मिलाएं। सबसे आरामदायक विकल्प।

VIP बैठना

₹150-500

दृश्य: ★★★★★ • भीड़: कम

रिजर्व फ्रंट-रो सीटें। होटल या टूर ऑपरेटरों के माध्यम से अग्रिम में बुक करना होगा। पीक सीजन में लायक।

आरती टाइमलाइन

शाम 6:00 बजे

दशाश्वमेध घाट पर पहुंचें। अपनी जगह ढूंढें — घाट की सीढ़ियां, छत या बोट चढ़ें।

शाम 6:15 बजे

पुजारी तैयारी शुरू करते हैं। पीतल के दीये, धूप, फूल और शंख तैयार।

शाम 6:30 बजे

शंख बजाए जाते हैं। भीड़ इकट्ठा होती है। वातावरण बनता है। नाविक बोटों को सबसे अच्छे दृश्य के लिए स्थित करते हैं।

शाम 6:45 बजे

आरती शुरू होती है। सात पुजारी विशाल जलते पीतल के दीयों के साथ समन्वित अनुष्ठान करते हैं।

शाम 7:00 बजे

चरम क्षण। आग, धूप, मंत्रोच्चार और घंटियां एक अलौकिक अनुभव बनाते हैं।

शाम 7:15 बजे

आरती विभिन्न दीयों और अर्पणों के साथ जारी है। भीड़ गहराई से जुड़ी हुई है।

शाम 7:30 बजे

आरती समाप्त होती है। अंतिम आशीर्वाद। भीड़ धीरे-धीरे बिखरती है। बोट राइड जारी रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गंगा आरती कितने बजे होती है?
शाम की आरती: 6:30-7:30 बजे (मौसम के अनुसार थोड़ा अलग)। अस्सी घाट पर सुबह की आरती: 5:00-5:30 बजे। दशाश्वमेध घाट पर मुख्य शाम की आरती सबसे भव्य है।
मुझे कितनी जल्दी पहुंचना चाहिए?
घाट की सीढ़ियों के लिए: 60-90 मिनट पहले (शाम 5:30-6:00 बजे)। छत की सीटों के लिए: अग्रिम में बुक करें। बोट के लिए: 6:00 बजे तक चढ़ जाएं। त्योहारों के दौरान: 2+ घंटे पहले पहुंचें।
बेस्ट देखने का विकल्प कौन सा है?
निजी बोट सबसे अच्छा समग्र अनुभव प्रदान करती है — निजी जगह, सबसे अच्छा कोण, कोई भीड़ नहीं। छत का रेस्तरां आराम के लिए बेस्ट। प्रामाणिक अनुभव के लिए घाट की सीढ़ियां।
क्या आरती हर दिन होती है?
हां, गंगा आरती दशाश्वमेध घाट पर हर दिन होती है, 365 दिन साल में। कोई रद्दीकरण नहीं। त्योहारों के दौरान विशेष बढ़ी आरती।
क्या मैं फोटो ले सकता हूं?
हां, फोटोग्राफी की अनुमति है। फोन कैमरा बेहतर है (कम घुसपैठ)। फ्लैश का उपयोग करने से बचें। अपने आसपास के लोगों का सम्मान करें। बोट या छत से देखने में कोई प्रतिबंध नहीं।
क्या आरती के दौरान सुरक्षित है?
हां, आम तौर पर सुरक्षित। भीड़ में पिकपॉकेट से सावधान रहें। फोन और बटुआ सुरक्षित रखें। आगे धकेलने से बचें। भीड़ के प्रवाह का पालन करें। आरती के बाद रोशनी वाले क्षेत्रों में रहें।

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