मणिकर्णिका घाट
श्मशान घाटमोक्ष का द्वार। यहां की अग्नि सदियों से बुझी नहीं है।



प्रकार
श्मशान घाट
नाव किराया
बेस किराये का 1 गुना
सबसे उपयुक्त समय
Darshan: subah 6-9 baje (shraddha se darshan karein, sanskar sthal hai)
कथा: विष्णु का कुंडल इस कुंड में गिरा था - इसलिए नाम मणिकर्णिका। शिव ने वरदान दिया कि यहां जलने वाला फिर जन्म नहीं लेता।
मुख्य बातें
- Moksha ka dwar — Kashi ka sabse pavitra ghat
- Vishnu chakra kund ki pauranik katha
- Dedicated yagya aur aarti sthal
- Ganga ki sabse paas ki dhara yahin hai
त्योहार और महोत्सव
बोट किराया अनुमान
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सुबह 6:00 और शाम 6:00 बजे
मुख्य दाह संस्कार घाट पर — गहरा आध्यात्मिक
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