धुंधिराज गणेश मंदिर
विष्णु मंदिरभगवान गणेश
समय
5:00 AM - 10:00 PM
प्रवेश शुल्क
Free
अवधि
15 - 20 minutes
निकटतम घाट
विवरण
वाराणसी के चार प्राचीन गणेश मंदिरों में से एक, जो 6वीं शताब्दी का है। इस मंदिर में गणेश की अनूठी प्रतिमा है जिसकी दो पत्नियाँ हैं - रिद्धि और सिद्धि। काशी विश्वनाथ जाने से पहले यहाँ दर्शन करने से सभी बाधाएँ दूर होती हैं। मंदिर की प्राचीन पत्थर की नक्काशी और शांत आंगन वाराणसी की गणेश पूजा परंपराओं में गहरी जड़ों की झलक देते हैं।
आरती का समय
इतिहास
6वीं शताब्दी का, यह वाराणसी के सबसे प्राचीन गणेश मंदिरों में से एक है। अनूठी प्रतिमा गणेश को दो पत्नियों के साथ दिखाती है, जो मंदिर चित्रकला में दुर्लभ है। मराठा शासकों ने 18वीं शताब्दी में इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया। पुरातात्विक साक्ष्य बताते हैं कि मूल मंदिर गुप्त वंश के दौरान बना था।
महत्व
काशी के चार प्राचीन गणेश मंदिरों में से एक। चारों मंदिरों की परिक्रमा करने से गणेश का आशीर्वाद मिलता है।
वेशभूषा
Modest traditional attire.
सुझाव
- 1 अस्सी घाट की भीड़ से पहले सुबह जल्दी जाएँ।
- 2 अस्सी घाट सूर्योदय और स्थानीय नाश्ते के साथ संयोजित करें।
- 3 काशी के चार गणेश मंदिर सर्किट का हिस्सा।
त्योहार
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नाव से पहुँचें
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