भारत माता मंदिर
अद्वितीयभारत माता
समय
9:30 AM - 8:00 PM
प्रवेश शुल्क
Free
अवधि
20 - 30 minutes
निकटतम घाट
विवरण
कोई मूर्ति नहीं — भारत माता को समर्पित एक अद्वितीय मंदिर। 1918 में निर्मित और 1936 में महात्मा गांधी द्वारा उद्घाटित, इसमें अविभाजित भारत का एक विशाल 3D मार्बल मानचित्र है जो मकराना मार्बल से बना है। यह मंदिर राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति भक्ति का एक शक्तिशाली प्रतीक है।
इतिहास
1918 में स्वतंत्रता सेनानी शिव प्रसाद गुप्ता द्वारा निर्मित और 15 मई 1936 को महात्मा गांधी द्वारा उद्घाटित। वास्तुकार मदन मोहन मालवीय द्वारा डिज़ाइन किया गया, 3D मार्बल मानचित्र 30 फीट चौड़ा और 30 फीट लंबा है। इस मंदिर की कल्पना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान मातृभूमि के साझा सम्मान के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
महत्व
राष्ट्र की अवधारणा को समर्पित भारत का एकमात्र मंदिर, किसी देवता को नहीं। मार्बल मानचित्र अविभाजित भारत का प्रतिनिधित्व करता है। गांधी के उद्घाटन ने इसे स्वतंत्रता संघर्ष में गहरा महत्व दिया।
वेशभूषा
No specific dress code. Casual and respectful attire.
सुझाव
- 1 3D मार्बल मानचित्र मुख्य आकर्षण है — नदियों और पहाड़ों को ट्रेस करने का समय लें।
- 2 ऊपर के छोटे संग्रहालय में ऐतिहासिक फोटोग्राफ और दस्तावेज देखें।
- 3 अधिकांश वाराणसी मंदिरों के विपरीत यहाँ फोटोग्राफी की अनुमति है।
- 4 मकराना मार्बल वही है जो ताजमहल के लिए उपयोग किया गया — गुणवत्ता देखें।
- 5 सुबह की रोशनी में सबसे अच्छा दिखता है।
- 6 यह मंदिर काशी विद्यापीठ परिसर में है — विश्वविद्यालय के दौरे के साथ संयोजित करें।
त्योहार
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