तुलसी मानस मंदिर
विष्णु मंदिरभगवान राम
समय
5:30 AM - 12:00 PM, 3:30 PM - 9:00 PM
प्रवेश शुल्क
Free (Museum: ₹5-10)
अवधि
30 minutes - 1 hour
निकटतम घाट
विवरण
1964 में निर्मित एक पवित्र सफेद मार्बल मंदिर, जो उस सटीक स्थान को चिह्नित करता है जहाँ गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस लिखा था। मंदिर की दीवारों पर रामायण के श्लोक और दृश्य उकेरे गए हैं। मंदिर की सुंदर वास्तुकला और शांत वातावरण इसे भक्तों और साहित्य प्रेमियों दोनों के बीच पसंदीदा बनाते हैं।
आरती का समय
इतिहास
1964 में वाराणसी के सुरेका परिवार ने उस स्थान पर इसका निर्माण किया जहाँ तुलसीदास ने रामचरितमानस रचा था। मंदिर सफेद मार्बल से बना है और इसकी दीवारों पर रामायण के दृश्य उकेरे गए हैं। ऊपर के संग्रहालय में एक कठपुतली शो है। मंदिर तुलसीदास और रामायण परंपरा की विरासत का जश्न मनाने वाले वार्षिक साहित्यिक उत्सवों की मेजबानी भी करता है।
महत्व
यह रामचरितमानस का जन्मस्थान है, जो भारतीय साहित्य में सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली पुस्तकों में से एक है। यह मंदिर भक्ति और साहित्य को अनूठे ढंग से जोड़ता है।
वेशभूषा
Modest clothing recommended.
सुझाव
- 1 ऊपर का कठपुतली शो न चूकें — यह एक अनूठा रामायण अनुभव है।
- 2 भूतल पर संग्रहालय में दुर्लभ पांडुलिपियाँ और कलाकृतियाँ हैं।
- 3 सफेद मार्बल की नक्काशी सुबह की रोशनी में सबसे अच्छी दिखती है।
- 4 संकट मोचन मंदिर के साथ संयोजित करें (2 मिनट की पैदल दूरी)।
- 5 मंदिर की दीवारें उकेरे गए श्लोकों के साथ शानदार फोटोग्राफी के अवसर प्रदान करती हैं।
- 6 शाम को जाएँ जब मंदिर सुंदर रूप से रोशन होता है।
त्योहार
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