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विश्व धरोहर

वाराणसी यूनेस्को विरासत

यूनेस्को द्वारा जीवित विरासत शहर के रूप में मान्यता प्राप्त — दुनिया के सबसे पुराने निरंतर बसे शहरों में से एक।

यूनेस्को मान्यता

2023 में, वाराणसी को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया। यह मान्यता 3,000+ वर्षों की असाधारण सांस्कृतिक निरंतरता और जीवित परंपराओं को स्वीकार करती है।

मुख्य तथ्य

मान्यता वर्ष: 2023

भारत के नवीनतम विश्व धरोहर स्थलों में से एक

मापदंड: (iii) और (vi)

सांस्कृतिक परंपरा और जीवित विरासत

क्षेत्रफल: 12.46 वर्ग किमी

गंगा के किनारे मुख्य विरासत क्षेत्र

बफर ज़ोन: 14.83 वर्ग किमी

सुरक्षात्मक क्षेत्र

संरक्षण और संरक्षण

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर

मंदिर को गंगा से जोड़ने वाली प्रमुख परियोजना।

घाट पुनर्स्थापना

ऐतिहासिक घाटों की पारंपरिक सामग्री से मरम्मत।

विरासत क्षेत्र नियम

भवन ऊंचाई प्रतिबंध और डिजाइन दिशानिर्देश।

प्रदूषण नियंत्रण

नमामि गंगे परियोजना गंगा की सफाई के लिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या वाराणसी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है?
हां, वाराणसी को 2023 में "वाराणसी: जीवित विरासत शहर" के शीर्षक से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया।
वाराणसी को यूनेस्को क्यों दिया गया?
3,000+ वर्षों की असाधारण सांस्कृतिक निरंतरता और जीवित परंपराओं के लिए।
यूनेस्को मापदंड क्या हैं?
मापदंड (iii) — असाधारण सांस्कृतिक परंपरा का साक्ष्य, और मापदंड (vi) — उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य की जीवित परंपराओं से सीधा संबंध।
संरक्षण प्रयास क्या हैं?
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, घाट पुनर्स्थापना, विरासत क्षेत्र नियम और प्रदूषण नियंत्रण।

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