हर शाम दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती के लिए पूरा शहर इकट्ठा होता है — सात तक पुजारी पीतल की बड़ी-बड़ी ज्योतियां उठाए, गंगा की दिशा में यह महान रोज़ाना अनुष्ठान होता है। यह करीब पैंतालीस मिनट चलता है — शंख, घंटियां और धूप की महक पानी पर उठती है, और घाटों का पूरा चाप ही उसकी आकृति बनाता है। सीढ़ियों के लिए कोई शुल्क नहीं और नाव से नज़ारा सबसे अच्छा — यह भारत का सबसे लोकप्रिय रात्रि अनुष्ठान है, और आपके लिए हमेशा खुला स्वागत।
आरती है क्या
आरती एक ज्योति-अर्चना है — पुजारी बड़ी थालियों में दीयों को धीरे-धीरे हवा में घुमाते हैं, दयालियों के चारों ओर गोलाकार गति में। उनके पीछे स्वर-दल, शंख बजाने वाले और घंटियों का तांता पूरे पैंतालीस मिनट एक गहरी लय बनाए रखते हैं।
उनके चारों ओर हज़ारों दर्शक ताली बजाते, जपते और ज्योतियों की ओर हाथ जोड़े खड़े रहते हैं — दीयों की रोशनी पानी पर फैलती है और शहर का शोर पीछे छूट जाता है। इसकी समानता ही इसका केंद्र है: पुजारी और पथिक, सब एक ही लहर में।
दशाश्वमेध: नज़ारे का केंद्र
दशाश्वमेध की आरती घाटों का सबसे बड़ा और सबसे नाटकीय रंग है: सात तक पुजारी एक जैसी पोशाक में, हर के हाथ में सात मंजिला पीतल की ज्योति, और आग गंगा के पानी के बिलकुल झुक चुकी। दशाश्वमेध पर शाम की रोशनी सबसे पहले पड़ती है, और यह घाट एशिया में सबसे मशहूर रात का मंच है।
सही नाम दशाश्वमेध है — जहां ब्रम्हा ने कथानुसार दस घोड़े बलि किए थे — और यह सदियों पुरानी महान शाम की आरती की शुरुआत है। शाम करीब 6 बजे से समय-समय पर भीड़ घाट भरने लगती है।
कहां खड़े हों, क्या लगे
| सीढ़ियां | मुफ्त। नज़ारे वाली सीढ़ी के लिए 60-90 मिनट पहले आएं; चटाई या शॉल साथ रखें। |
| VIP बेंचें | ₹150-500 प्रति सीट, मंच के पास — बूथ से टिकट लें। |
| साझा नाव | ₹200-400 प्रति व्यक्ति, पानी की सबसे अच्छी सीट, किसी भी घाट की नाव लाइन से। |
| निजी नाव | ₹1,200-2,000 पूरी नाव पर — परिवार के लिए, बिना धक्का-मुक्की। |
मौसम की घड़ी
| अप्रैल-सितंबर | 7 बजे — दिन बड़े, संध्या देर। |
| अक्टूबर-मार्च | 6 बजे शुरुआत — सर्दी का समय, सबसे सुंदर नज़र. |
| देव दीपावली | नवंबर 24, 2026 — सबसे बड़ी: सभी 84 घाटों पर दस लाख दीप और पूरे विस्तार की आरती; नाव 4-6 हफ्ते पहले बुक करें। |
स्थानीय की तरह घाट पर
हमेशा जल्दी
सीढ़ियां जल्दी भरती हैं; स्थान के लिए 60 मिनट पहले, नज़ारे वाली जगह के लिए 90।
बिचौलियों से बचें
सही नाव लाइनें और VIP बूथ निर्धारित हैं; पैर में ताऊ वाला हर कोई कमीशन चाहता है।
पानी पर नकदी सावधान
VIP और नाव का पैसा पहले दे दें, चाय के लिए छोटे नोट रखें; वॉलेट सूखा और सुरक्षित।
एक नज़र में
- ✓ शाम: 7 बजे अप्रैल-सितंबर, 6 बजे अक्टूबर-मार्च, 45 मिनट।
- ✓ सीढ़ियां मुफ्त — 60-90 मिनट पहले पहुंचें।
- ✓ साझा नाव ₹200-400 / निजी ₹1,200-2,000।
- ✓ देव दीपावली 24 नवंबर 2026: नाव जल्दी बुक करें।
तुरंत जवाब
शाम की आरती कितने बजे शुरू होती है?
अप्रैल से सितंबर 7 बजे, अक्टूबर से मार्च 6 बजे, करीब 45 मिनट की। बेहतर सीटों के लिए काफी पहले चले जाएं।
क्या देखने के लिए पैसे देने पड़ते हैं?
सीढ़ियां सबके लिए मुफ्त हैं। फ़ी: VIP बेंच ₹150-500, नावें साझा ₹200-400, निजी ₹1,200-2,000।
नावें कहां मिलती हैं?
दशाश्वमेध पर ही मल्लाहों से ले सकते हैं; या इससे भी अच्छा, पांच मिनट आगे शांत घाटों (जैसे अस्सी) से लेकर आरती की दिशा में खेने लगें।
क्या मैं आरती में शामिल हो सकता हूं?
सीढ़ियों पर कहीं खड़े होकर भीड़ के साथ जप और ताल से जुड़ सकते हैं। आंतरिक अनुष्ठान गोला सिर्फ कलाकारों के लिए है।
क्या देव दीपावली की आरती बहुत बड़ी होती है?
हां — यह घाटों का सालाना महापर्व है: सभी 84 घाटों पर दस लाख से ज्यादा दीये, पूर्ण स्केल की आरती और रोशनी में नहाया शहर। रुकने और नाव की बुकिंग हफ्तों पहले करें।
सुबह की आरती कितने बजे होती है?
सुबह वाली आरती अस्सी घाट की सुबह-ए-बनारस है: गर्मी में 5 बजे, सर्दी में 5:30, करीब 7 तक — छोटी, शांत और भोर की आवाज के साथ।