त्योहार गाइड
वाराणसी में गंगा दशहरा: पवित्र नदी का उत्सव
घाटों पर शानदार उत्सवों के साथ पवित्र गंगा के अवतरण का सम्मान करें
गंगा दशहरा की कहानी
गंगा दशहरा उस दिन का जश्न मनाता है जब पवित्र गंगा नदी हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार स्वर्ग से पृथ्वी पर उतरी थी। राजा भगीरथ ने गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए कठोर तपस्या की थी।
वाराणसी में, गंगा के किनारे बसे शहर के रूप में, इस त्योहार का विशेष महत्व है। यह गंगा की शुद्धिकरण शक्ति और पवित्रता का जश्न मनाता है।
वाराणसी में उत्सव
दिन की शुरुआत हजारों भक्तों द्वारा सूर्योदय के समय गंगा में पवित्र स्नान से होती है। शाम की गंगा आरती विशेष रूप से भव्य होती है, सभी घाट दीयों और फूलों से सजे होते हैं।
दीयों से सजी नाव जुलूस नदी पर तैरते हैं, जो एक जादुई दृश्य बनाते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम विभिन्न घाटों पर आयोजित किए जाते हैं।
सर्वोत्तम घाट और टिप्स
दशाश्वमेध घाट सबसे भव्य उत्सव प्रदान करता है। अस्सी घाट अधिक अंतरंग अनुभव प्रदान करता है। नाव की सवारी के लिए पहले से बुकिंग करें। जल्दी पहुंचें, विशेष रूप से सूर्योदय प्रार्थना के लिए।