बनारसी शादी उत्तर भारत के सबसे भव्य उत्सवों में से एक है। काशी के पवित्र शहर के केंद्र में, ये शादियां हिंदू वैदिक रीति-रिवाजों को स्थानीय बनारसी रीति-रिवाजों के साथ मिलाती हैं।
मुख्य बिंदु
- शादी से पहले की रस्में
- शादी का दिन
- शादी के बाद की परंपराएं
शादी से पहले की रस्में
उत्सव कुरमई (सगाई) समारोह से शुरू होते हैं, जहां दूल्हे का परिवार दुल्हन के घर उपहारों के साथ जाता है।
कुरमई
सगाई समारोह। दूल्हे का परिवार बनारसी रेशम, मिठाइयां और उपहार लाता है।
मेहंदी
दुल्हन के लिए मेहंदी लगाना। महिलाएं पारंपरिक गीत गाती हैं।
हल्दी
दुल्हन और दूल्हे पर अलग-अलग हल्दी का पेस्ट। शुद्धिकरण अनुष्ठान।
शादी का दिन
मुख्य समारोह एक मंडप (सजे हुए पवेलियन) में पवित्र अग्नि के साक्षी होता है।
बरात
नाचते-गाते, संगीत और पीतल की बैंड के साथ दूलहा जुलूस। 1-2 घंटे।
मंडप
फूलों, केले के पौधों और गेंदे की माला से सजा मंडप।
दुल्हन की पोशाक
भारी सोने की ज़री के साथ लाल बनारसी रेशम की साड़ी। कीमत: Rs 15,000-2,00,000+।
शादी के बाद की परंपराएं
विदाई (दुल्हन की विदाई) एक भावनात्मक समारोह है जहां दुल्हन अपने मायके को छोड़ती है।
विदाई
भावनात्मक विदाई। दुल्हन कंधे पर चावल फेंकती है।
रिसेप्शन
बनारसी व्यंजनों के साथ भव्य भोज। मलइयो, चाट और कबाब।
त्वरित सुझाव
बनारसी शादियां 3-5 दिन तक चलती हैं। कुरमई, मेहंदी, हल्दी, मुख्य समारोह, विदाई और रिसेप्शन। दुल्हन लाल बनारसी रेशम की साड़ी पहनती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एक सामान्य बनारसी शादी की लागत कितनी होती है?
एक पारंपरिक बनारसी शादी की लागत Rs 5 लाख से Rs 50 लाख तक हो सकती है।
क्या पर्यटक बनारसी शादी में शामिल हो सकते हैं?
यदि स्थानीय परिवार द्वारा आमंत्रित हैं, तो बिल्कुल। बनारसी परिवार अपनी मेहमाननवाजी के लिए प्रसिद्ध हैं।
बनारसी शादी के भोजन में क्या अद्वितीय है?
बनारसी शादियों में प्रसिद्ध मलइयो (मलाईदार दूध की मिठाई), बनारसी पान, चाट, कबाब और विस्तृत शाकाहारी थाली होती है।
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