23,000 से अधिक मंदिरों के साथ, वाराणसी साल के लगभग हर दिन उत्सव मनाता है। प्रत्येक मंदिर का अपना आराध्य देवता और संबंधित उत्सव कैलेंडर है।
मुख्य बिंदु
- जनवरी-मार्च
- अप्रैल-जून
- जुलाई-सितंबर
- अक्टूबर-दिसंबर
जनवरी-मार्च
साल मकर संक्रांति (14 जनवरी) से शुरू होता है, जब हजारों लोग गंगा में पवित्र स्नान करते हैं।
मकर संक्रांति
14 जनवरी। गंगा में पवित्र स्नान। मंदिरों में तिल और गुड़ का वितरण।
बसंत पंचमी
जनवरी-फरवरी। सरस्वती पूजा। पीले कपड़े पहने जाते हैं। संस्कृत विद्यालयों में विशेष पूजा।
महाशिवरात्रि
फरवरी-मार्च। सबसे भव्य शिव उत्सव। काशी विश्वनाथ में रात भर जागरण।
अप्रैल-जून
इस अवधि में राम नवमी (मार्च-अप्रैल), हनुमान जयंती (अप्रैल), और मानसून के मौसम की शुरुआत शामिल है।
राम नवमी
मार्च-अप्रैल। भगवान राम का जन्म। राम मंदिरों में विशेष पाठ।
हनुमान जयंती
अप्रैल। संकट मोचन मंदिर संगीत उत्सव का आयोजन करता है। विशेष अभिषेक।
गंगा दशहरा
मई-जून। गंगा के अवतरण का जश्न। सभी घाटों पर भव्य आरती।
जुलाई-सितंबर
श्रावण मास (जुलाई-अगस्त) शिव मंदिरों के लिए सबसे पवित्र समय है।
श्रावण सोमवार
सभी शिव मंदिरों में विशेष जलाभिषेक। हजारों दर्शन के लिए कतार में।
नाग पंचमी
जुलाई-अगस्त। मंदिरों में नाग पूजा। विशेष दूध अर्पण।
कृष्ण जन्माष्टमी
अगस्त-सितंबर। भगवान कृष्ण का जन्म। कृष्ण मंदिरों में रात भर जश्न।
अक्टूबर-दिसंबर
उत्सव का मौसम नवरात्र (सितंबर-अक्टूबर), दशहरा, दीवाली के साथ चरम पर पहुंचता है।
नवरात्र
सितंबर-अक्टूबर। देवी पूजा की नौ रातें। रामलीला प्रदर्शन।
दीवाली
अक्टूबर-नवंबर। रोशनी का त्योहार। काशी विश्वनाथ हजारों दीयों से सजा।
देव दीपावली
कार्तिक पूर्णिमा (नवंबर-दिसंबर)। घाटों पर दस लाख दीये। सबसे भव्य रात।
त्वरित सुझाव
वाराणसी में साल भर मंदिर उत्सव होते हैं। प्रमुख: महाशिवरात्रि (फरवरी-मार्च), संकट मोचन संगीत उत्सव (अप्रैल-मई), गंगा दशहरा (मई-जून), श्रावण सोमवार (जुलाई-अगस्त), नवरात्र (सितंबर-अक्टूबर), देव दीपावली (नवंबर-दिसंबर)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वाराणसी मंदिरों में घूमने का सबसे व्यस्त समय कब है?
अक्टूबर-दिसंबर दीवाली और देव दीपावली के साथ सबसे व्यस्त अवधि है। श्रावण मास में भी शिव मंदिरों में भारी भीड़ होती है।
क्या सभी मंदिर उत्सव पर्यटकों के लिए खुले हैं?
हां, अधिकांश मंदिर उत्सव धर्म की परवाह किए बिना सभी आगंतुकों के लिए खुले हैं।
क्या मैं श्रावण मास के दौरान मंदिरों का दौरा कर सकता हूं?
हां, लेकिन अत्यंत लंबी कतारों के लिए तैयार रहें, विशेषकर काशी विश्वनाथ में। सुबह जल्दी या देर रात जाने से इंतज़ार का समय कम होता है।
यह लेख पसंद आया?
नवीनतम वाराणसी यात्रा टिप्स अपने इनबॉक्स में प्राप्त करें।