वाराणसी की शिल्प विरासत रेशम बुनाई से कहीं आगे है। शहर पारंपरिक शिल्पों का खजाना है।
मुख्य बिंदु
- वाराणसी की पारंपरिक कलाएं
- शिल्प कहां मिलेंगे
वाराणसी की पारंपरिक कलाएं
वाराणसी की हर कला का अपना इतिहास और शिल्पी समुदाय है।
पीतल और घंटी धातु
पारंपरिक भट्टियों में बने दीपक, बर्तन और धार्मिक सामान।
लकड़ी की नक्काशी
गुलाबूद और सागौन में जटिल दरवाजे, फर्नीचर और सजावटी पैनल।
पत्थर जड़ाई
अर्ध-बहुमूल्य पत्थरों की जड़ाई वाले संगमरमर और पत्थर के काम।
मिट्टी के बर्तन
स्थानीय भट्टियों से पारंपरिक मिट्टी और ग्लेज़ मिट्टी के बर्तन।
शिल्प कहां मिलेंगे
विश्वनाथ मंदिर के आसपास की पुराने शहर की गलियां शिल्पी कार्यशालाओं और दुकानों से भरी हैं।
गोदोलिया बाजार
पीतल की वस्तुओं और पारंपरिक शिल्प के लिए मुख्य बाजार क्षेत्र।
थठेरी बाजार
पीतल और घंटी धातु के शिल्प काम में विशेषज्ञता।
कैंटोनमेंट क्षेत्र
व्यापक श्रेणी और निर्धारित मूल्यों के साथ आधुनिक दुकानें।
त्वरित सुझाव
वाराणसी पीतल का काम, लकड़ी की नक्काशी, पत्थर जड़ाई और मिट्टी के बर्तन प्रदान करता है। गोदोलिया बाजार मुख्य खरीदारी क्षेत्र है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या वाराणसी में शिल्प प्रामाणिक हैं?
ज्यादातर हैं, लेकिन पर्यटन-भारी क्षेत्रों में सावधान रहें। सरकारी दुकानों और सहकारी समितियों से प्रमाणित उत्पाद खरीदें।
क्या मैं शिल्पियों को काम करते देख सकता हूं?
हां, पुराने शहर की कई कार्यशालाएं आगंतुकों का स्वागत करती हैं।
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