हर साल अप्रैल-मई में संकट मोचन हनुमान मंदिर में आयोजित संकट मोचन संगीत समारोह, एक पांच दिवसीय संगीत उत्सव है जो भारत और विदेश के बेहतरीन शास्त्रीय संगीतकारों को आकर्षित करता है।
मुख्य बिंदु
- उत्सव का इतिहास
- क्या उम्मीद करें
- उपस्थित होने के लिए सुझाव
उत्सव का इतिहास
उत्सव की शुरुआत 1925 में संकट मोचन मंदिर के तत्कालीन महंत गोस्वामी तुलसीदास ने की थी। यह शुरुआत में स्थानीय संगीतकारों की एक छोटी सभा थी।
उत्सव इसलिए विशिष्ट है क्योंकि यह मंदिर परिसर के अंदर होता है, जो एक भक्तिमय वातावरण बनाता है।
तिथियां
अप्रैल-मई, आमतौर पर हनुमान जयंती के आसपास 5 दिन।
स्थान
संकट मोचन हनुमान मंदिर, बीएचयू के पास।
प्रवेश
मुफ्त। पहले आओ, पहले पाओ बैठना।
क्या उम्मीद करें
उत्सव में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सभी प्रमुख शैलियों — ख्याल वोकल, ध्रुपद, ठुमरी, और वाद्य — में प्रदर्शन होता है।
प्रदर्शन सुबह जल्दी (5:00 बजे प्रातः राग) से देर रात (11:00 बजे) तक चलते हैं।
प्रातः राग
सुबह 5:00 बजे - 8:00 बजे। शांत सूर्योदय प्रदर्शन।
दोपहर सत्र
दोपहर 2:00 बजे - शाम 6:00 बजे। वोकल और वाद्य प्रदर्शन।
शाम का गाला
शाम 7:00 बजे - रात 11:00 बजे। मुख्य कार्यक्रम और किंवदंती कलाकार।
उपस्थित होने के लिए सुझाव
शाम के प्रदर्शनों के लिए मंदिर का प्रांगण जल्दी भर जाता है। अच्छी सीट के लिए शाम 4:00 बजे तक पहुंचें।
क्या लाएं
गद्दा, कुशन, शॉल (रातें ठंडी हो सकती हैं), पानी की बोतल।
सर्वोत्तम प्रदर्शन
शुरुआती और समापन रातों में सबसे प्रतिष्ठित कलाकार होते हैं। सप्ताह के बीच की रातें कम भीड़ वाली होती हैं।
सम्मान
फोन बंद करें। प्रदर्शन के दौरान बात न करें। मंदिर में प्रवेश करने से पहले जूते उतारें।
त्वरित सुझाव
संकट मोचन संगीत समारोह अप्रैल-मई में, हनुमान जयंती के आसपास 5 दिन संकट मोचन मंदिर में। मुफ्त प्रवेश। शाम के शो के लिए शाम 4 बजे तक पहुंचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्सव में कलाकार कौन हैं?
उत्सव में दोनों किंवदंती महान कलाकार और आने वाले कलाकार शामिल हैं।
क्या यह वास्तव में मुफ्त है?
हां, उत्सव पूरी तरह से मुफ्त और सभी के लिए खुला है। कोई टिकट या पंजीकरण आवश्यक नहीं है।
क्या मैं केवल एक शाम के लिए उपस्थित हो सकता हूं?
हां, आप किसी भी दिन किसी भी सत्र में उपस्थित हो सकते हैं। हर दिन सुबह से रात तक प्रदर्शनों का पूरा कार्यक्रम होता है।
यह लेख पसंद आया?
नवीनतम वाराणसी यात्रा टिप्स अपने इनबॉक्स में प्राप्त करें।