हरिश्चंद्र घाट वाराणसी के दो प्रमुख श्मशान घाटों में से एक है। पारंपरिक और विद्युत दाह दोनों सुविधाएं हैं।
मुख्य बिंदु
- राजा हरिश्चंद्र की कथा
- यहाँ के अनुष्ठान
- विद्युत शवदाह गृह
- यात्रा
राजा हरिश्चंद्र की कथा
राजा हरिश्चंद्र सत्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए मनाए जाते हैं।
यहाँ के अनुष्ठान
मणिकर्णिका के समान पवित्र दाह अनुष्ठान। पिंड दान और पूर्वज पूजा भी होती है।
विद्युत शवदाह गृह
विद्युत शवदाह गृह पाने वाला वाराणसी का पहला दाह स्थल।
यात्रा
दूर से सम्मानपूर्वक अवलोकन की अनुमति। मणिकर्णिका से कम भीड़।
त्वरित सुझाव
पारंपरिक और विद्युत दाह दोनों। सत्यवादी राजा के नाम पर। नावों से अवलोकन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मणिकर्णिका से कैसे अलग?
विद्युत शवदाह गृह वाला पुराना घाट। मणिकर्णिका अधिक पवित्र माना जाता है।
क्या विद्युत दाह मान्य है?
हाँ, हिंदू अधिकारियों द्वारा समान आध्यात्मिक पुण्य के साथ मान्यता प्राप्त।
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