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वाराणसी में मरने का महत्व: मोक्ष

फ़ोटो: Unsplash

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spiritual 8 min अपडेट: 24 अगस्त 2026

वाराणसी में मरने का महत्व: मोक्ष

आध्यात्मिकता

हिंदू वाराणसी में मरने को मुक्ति का अंतिम मार्ग क्यों मानते हैं

श्रद्धालु हिंदुओं के लिए, वाराणसी में मरना और उसके पवित्र घाटों पर दाह संस्कार करना परम आध्यात्मिक लक्ष्य है।

मुख्य बिंदु

  • शास्त्रीय आधार
  • जो मरने आते हैं
  • विश्वास प्रणाली

शास्त्रीय आधार

स्कंद पुराण के काशी खंड में कहा गया है कि भगवान शिव मरते समय कानों में तारक मंत्र फुसफुसाते हैं।

जो मरने आते हैं

हर साल हजारों बुजुर्ग तीर्थयात्री वाराणसी आते हैं, कुछ महीनों या वर्षों तक रहते हैं।

विश्वास प्रणाली

हिंदू मानते हैं कि वाराणसी में मरना 84 लाख योनियों के चक्र को तोड़ता है। आत्मा सीधे मुक्ति प्राप्त करती है।

त्वरित सुझाव

हिंदू मानते हैं कि वाराणसी में मरना मोक्ष देता है। भगवान शिव तारक मंत्र फुसफुसाते हैं। हजारों बुजुर्ग तीर्थयात्री मुक्ति की खोज में आते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह विश्वास आज भी प्रचलित है?

हाँ, हजारों बुजुर्ग तीर्थयात्री इस उद्देश्य से हर साल आते हैं।

परिवारों का क्या होता है?

परिवार अक्सर बुजुर्ग सदस्यों के साथ आते हैं और मणिकर्णिका में अंतिम संस्कार करते हैं।

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