वाराणसी में होली एक सप्ताह तक चलने वाला उत्सव है जो पवित्र शहर को रंगों की उल्लास में बदल देता है।
मुख्य बिंदु
- वाराणसी होली कैसे मनाता है
- होली में भोजन और संगीत
वाराणसी होली कैसे मनाता है
वाराणसी में होली का मुख्य दिन सुबह घाटों पर रंग और पानी से शुरू होता है। दोपहर तक पूरा शहर गुलाल से ढक जाता है।
संकट मोचन मंदिर में प्रसिद्ध "सम्राट होली" होती है जहां सैकड़ों लोग मंदिर के प्रांगण में रंग खेलते हैं।
सुबह के रंग
घाटों पर प्राकृतिक गुलाल और गुलाब जल से दिन की शुरुआत करें।
मंदिर होली
प्रसिद्ध मंदिर होली उत्सव के लिए संकट मोचन जाएं।
शाम का जश्न
विश्वनाथ गली के आसपास की गलियां संगीत और नृत्य से जीवंत हो उठती हैं।
होली में भोजन और संगीत
वाराणसी में होली बिना ठंडाई के अधूरी है — केसर और मेवों से भरी मसालेदार दूध की पेय।
ठंडाई
दशाश्वमेध के पास की दुकानों से प्रसिद्ध बनारसी ठंडाई आजमाएं।
गुजिया
सूखे मेवों और खोया से भरी मीठी पकौड़ी।
भांग ठंडाई
लाइसेंस प्राप्त दुकानों पर उपलब्ध। जिम्मेदारी से सेवन करें।
त्वरित सुझाव
होली मार्च में आती है। मुख्य उत्सव के लिए संकट मोचन मंदिर जाएं। ठंडाई और गुजिया आजमाएं। पुराने कपड़े पहनें। पहले से नारियल तेल लगाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वाराणसी में होली कब मनाई जाती है?
होली मार्च में, फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन आती है। वाराणसी में उत्सव लगभग एक सप्ताह तक चलता है।
क्या पर्यटकों के लिए वाराणसी में होली खेलना सुरक्षित है?
हां, लेकिन भीड़ वाले क्षेत्रों में रहें और अकेली गलियों से बचें। जैविक रंगों का उपयोग करें।
होली में कौन से रंगों से बचना चाहिए?
सिंथेटिक और रासायनिक रंगों से बचें क्योंकि वे त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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