वाराणसी एक ऐसा शहर है जो पहले आत्मा को खिलाता है, फिर शरीर को। यहाँ का रेस्तरां दृश्य शहर जितना ही विविध है — पांच पीढ़ियों से एक ही व्यंजन परोसने वाली प्राचीन दुकानों से लेकर इंस्टाग्राम पीढ़ी की सेवा करने वाले नए ट्रेंडी कैफे तक। वाराणसी की खाद्य संस्कृति परंपरा में गहराई से निहित है।
मुख्य बिंदु
- पारंपरिक शाकाहारी रेस्तरां
- नॉन-वेजिटेरियन और मुगलई रेस्तरां
- कैफे और आधुनिक खाने की जगहें
- बजट खाने के सुझाव
पारंपरिक शाकाहारी रेस्तरां
अस्सी घाट के पास बाटी चोखा वाराणसी का सबसे लोकप्रिय पारंपरिक रेस्तरां है। यह प्रसिद्ध बाटी-चोखा में विशेषज्ञता रखता है — कोयले में पकी गेहूं की गेंदें, भरवां बैंगन, आलू और दाल के चोखे के साथ परोसी जाती हैं। प्रति व्यक्ति पूरा भोजन ₹150-250 है।
गोदौलिया पर काशी थाली रेस्तरां वाराणसी में सबसे व्यापक थाली प्रदान करता है जिसमें 20 से अधिक आइटम ₹250-350 में हैं। विश्वनाथ गली के पास सीता रसोई अपनी राज कचौरी (₹60 प्रति प्लेट) के लिए प्रसिद्ध है।
नॉन-वेजिटेरियन और मुगलई रेस्तरां
दशाश्वमेध के पास केरल रेस्तरां वाराणसी का सबसे प्रसिद्ध नॉन-वेजिटेरियन रेस्तरां है। उनका मटन कोरमा (₹200-300) और चिकन टिक्का (₹180-250) प्रसिद्ध हैं। लक्सा रोड पर तंदूर रेस्तरां तंदूरी आइटम में विशेषज्ञता रखता है।
बिरयानी प्रेमियों के लिए, चौक के पास पहलवान नॉन-वेग एक अनूठी वाराणसी शैली की बिरयानी (₹150-200) परोसता है। सभी नॉन-वेग रेस्तरां धार्मिक कारणों से आमतौर पर सोमवार को बंद रहते हैं।
कैफे और आधुनिक खाने की जगहें
अस्सी घाट पर ब्राउन ब्रेड बेकरी बैकपैकर्स की पसंदीदा जगह है जिसकी छत पर बैठकर गंगा का दृश्य दिखता है। वे बेहतरीन कॉफी, ताज़ी ब्रेड, पास्ता और पश्चिमी नाश्ते की वस्तुएं परोसते हैं। अस्सी रोड पर कीवी कैफे शेक, स्मूदी और हल्के भोजन के लिए जाना जाता है।
दशाश्वमेध के पास कैफ़्यू म्यूज़िक ब्लू बनारस लाइव सितार संगीत और मल्टी-क्विज़िन खाने को जोड़ता है। अस्सी घाट के पास शांति कैफ़े में शांत बगीचे का माहौल है। मिठाई प्रेमियों के लिए, गोदौलिया के पास की कुलफ़ी की दुकानें ₹50-80 में सबसे अच्छी कुलफ़ी फ़ालूदा परोसती हैं।
बजट खाने के सुझाव
वाराणसी में सबसे सस्ता और प्रामाणिक भोजन हमेशा सड़कों पर होता है — कचौरी-सब्जी की एक प्लेट ₹30-50, गोलगप्पा छह पीस के लिए ₹20-30। बैठकर भोजन के लिए, थाली रेस्तरां सबसे अच्छा मूल्य प्रदान करते हैं। घाटों के पास पर्यटकों के रेस्तरां से बचें।
लंका और BHU के पास अधिकांश स्थानीय ढाबे ₹80-120 प्रति प्लेट में बेहतरीन दाल फ्राई और सब्जी करी परोसते हैं। इन ढाबों की चाय सिर्फ ₹10-15 है। नाश्ते के लिए किसी भी कचौरी की दुकान पर जाएं।
त्वरित सुझाव
पारंपरिक भोजन के लिए बाटी चोखा, नॉन-वेग के लिए केरल रेस्तरां, कैफे के लिए ब्राउन ब्रेड बेकरी। प्रति भोजन ₹30-300 बजट। घाटों के पास पर्यटक जाल से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या वाराणसी में रेस्तरां सोमवार को खुले होते हैं?
अधिकांश नॉन-वेजिटेरियन रेस्तरां सोमवार को बंद रहते हैं। शाकाहारी रेस्तरां खुले रहते हैं।
क्या रेस्तरां क्रेडिट कार्ड स्वीकार करते हैं?
अधिकांश मिड-रेंज और अपस्केल रेस्तरां कार्ड स्वीकार करते हैं। स्ट्रीट फूड और छोटे ढाबे सिर्फ कैश लेते हैं।
वाराणसी में सबसे अच्छी थाली कौन सी है?
गोदौलिया पर काशी थाली रेस्तरां 20 से अधिक आइटम वाली सबसे व्यापक थाली ₹250-350 में प्रदान करता है।
क्या वाराणसी का स्ट्रीट फूड सुरक्षित है?
हां, अगर आप व्यस्त दुकानों पर खाते हैं। पहले से कटे फलों से बचें और बोतलबंद पानी का उपयोग करें।
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