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त्योहार गाइड

वाराणसी में होली: भारत का सबसे रंगीन उत्सव

भारत के सबसे पवित्र शहर में दुनिया के सबसे प्रसिद्ध रंगों के त्योहार का अनुभव करें

वाराणसी की प्रसिद्ध होली

वाराणसी में होली दुनिया में कहीं और उत्सव जैसी नहीं है। प्राचीन शहर रंगों के जीवंत कैनवस में बदल जाता है क्योंकि स्थानीय और आगंतुक एक साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाते हैं।

वाराणसी की होली को अनूठा बनाता है इसका आध्यात्मिक भक्ति और आनंदमय उत्साह का मिश्रण।

होली अनुभव के लिए सर्वोत्तम स्थान

गंगा के किनारे घाट होली उत्सवों का केंद्र हैं। दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट संगीत, नृत्य और रंगों के सबसे जीवंत जमावड़े की मेजबानी करते हैं।

विश्वनाथ गली और थैतरी बाजार की संकरी गलियां अनौपचारिक उत्सवों और पारंपरिक होली गीतों से जीवंत हो उठती हैं।

सुरक्षित रूप से होली का आनंद लेने के टिप्स

पुराने, हल्के रंग के कपड़े पहनें। आंखों की रक्षा के लिए धूप का चश्मा पहनें और बालों और त्वचा पर पहले से तेल लगाएं। केवल प्राकृतिक, जैविक रंगों का उपयोग करें। जलरोधक बैग में फोन और कीमती सामान रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में होली कब मनाई जाती है?
होली हिंदू कैलेंडर के महीने फाल्गुन के अंतिम पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है, जो आमतौर पर मार्च में पड़ती है। मुख्य उत्सव होलिका दहन और अगले दिन रंग खेलने के दिन होते हैं।
क्या पर्यटकों के लिए होली खेलना सुरक्षित है?
हां, लेकिन सावधानी बरतें। पुराने कपड़े पहनें, आंखों और बालों की रक्षा करें, प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें, और समूहों में रहें।

वाराणसी में होली का अनुभव करें

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