वाराणसी भारत का सबसे ज़्यादा फोटो खींचा जाने वाला शहर है। सबसे अच्छी तस्वीरें सुबह 5:00-7:00 और शाम 5:30-7:00 बजे आती हैं।
गोल्डन-आवर रूट
सुबह 5:00 अस्सी घाट से शुरू। उत्तर की ओर दशाश्वमेध तक चलें (3 किमी, 45 मिनट)।
श्मशान घाट सिर्फ नदी से फोटो खींच सकते हैं। शोक मनाने वालों की तरफ कैमरा न उठाएं।
शीर्ष स्पॉट
| 1. अस्सी घाट | चौड़ी पूर्वमुखी सीढ़ियां, बेहतरीन सूर्योदय। |
| 2. दशाश्वमेध नावें | मंदिर शिखरों के साथ पोस्टकार्ड शॉट। |
| 3. मणिकर्णिका पानी से | धुआं और लौ — शालीनता से। |
| 4. विश्वनाथ गली | संकरी मूड वाली गलियां, फास्ट लेंस ज़रूरी। |
| 5. फूल बेचने वालों की गली | अन्नपूर्णा के पास गेंदे के ढेर। |
वर्जित जगहें
काशी विश्वनाथ गर्भगृह
अंदर फोन या कैमरा नहीं।
श्मशान पर शोक मनाने वाले
शोक मनाने वालों की कभी फोटो न लें।
नहाने की जगह
अलग नहाने की जगह है — फोटो न लें।
मंदिर अंदर
ज़्यादातर मंदिरों में अंदर फोटो वर्जित।
गियर टिप्स
फोन वाराणसी का 80% संभालता है। बाकी के लिए 24-70mm ज़ूम और 35mm f/1.8। माइक्रोफाइबर कपड़ा ले आएं।
एक नज़र में
- ✓ सुबह 5-7 और शाम 5:30-7 खींचें।
- ✓ मणिकर्णिका सिर्फ नदी से।
- ✓ फोन 80% शॉट्स संभालता है।
- ✓ लेंस कपड़ा रखें।
तुरंत जवाब
श्मशान की फोटो?
नदी पर नाव से हाँ। शोक मनाने वालों की कभी नहीं।
वाराणसी फोटो के लिए फोन?
कोई भी हालिया iPhone या Pixel दिन और रात दोनों में अच्छा है।
घाटों पर ट्राइपॉड?
बहुत भीड़। मिनी गोरिलापॉड या दीवार से टिकाएं।