Skip to main content
बाजीराव घाट
#54

बाजीराव घाट

ऐतिहासिक घाट

बाजीराव घाट द्वारा निर्मित एक आधुनिक घाट जो गंगा के किनारे एक प्रसिद्ध लंबाई है। इस घाट का नाम बाजीराव भोंसले के नाम पर है, जिन्होंने 1750 के दशक में इसे निर्मित किया था।

25.3112, 83.0136
सुबह 6-10 बजे जब सूर्य की रोशनी घाट के ढेर पर पड़ती है।
बाजीराव घाट — दृश्य 1बाजीराव घाट — दृश्य 2बाजीराव घाट — दृश्य 3बाजीराव घाट — दृश्य 4

प्रकार

ऐतिहासिक घाट

नाव किराया

बेस किराये का 1 गुना

सबसे उपयुक्त समय

सुबह 6-10 बजे जब सूर्य की रोशनी घाट के ढेर पर पड़ती है।

बाजीराव घाट का निर्माण बाजीराव भोंसले ने 1750 के दशक में करवाया था। इस घाट को पुराने समय में ढेर साल पहले एक ठोस घाट के रूप में भी ज्ञात किया गया था। घाट के बीच में एक प्रसिद्ध कला संग्रहालय है जो स्थानीय कलाकारों की ओर से निर्मित है।

मुख्य बातें

  • पेशवा बाजीराव की स्मृति
  • अठारहवीं सदी की सीढ़ियाँ
  • मणिकर्णिका के पास का शांत कोना

त्योहार और महोत्सव

कार्तिक पूर्णिमा और संक्रान्तियों पर यहाँ स्थानीय लोग स्नान करते हैं।

बोट किराया अनुमान

स्लाइडर घुमाएँ और अपने हिसाब से किराया देखें

1 घंटा
अनुमानित किराया 0

* अनुमानित मूल्य, असली किराया कैप्टन से पुष्टि करें

🕉️

इस घाट की आरती जानकारी उपलब्ध नहीं है

25.3112, 83.0136 — वाराणसी घाट

इस घाट पर बुक करें — सूचित करें

अभी ऐप डाउनलोड करें और बाजीराव घाट के लिए बोट बुक करें

100% सुरक्षित
वेरिफाइड कैप्टन
लाइव ट्रैकिंग

नवीएक्स ऐप डाउनलोड करें

ऑफर्स पाएं — अप टू 20% OFF 🪔

ऐप डाउनलोड करें
📱 Download NaviX to Book