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वाराणसी में कथक नृत्य: कृपा की कहानी

फ़ोटो: Unsplash

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Culture 12 min read अपडेट: 24 अगस्त 2026

वाराणसी में कथक नृत्य: कृपा की कहानी

संस्कृति

वाराणसी कथक, कहानियां सुनाने वाली शास्त्रीय नृत्य शैली की जन्मभूमि में से एक है।

कथक, "कथा" शब्द से निकला है, भारत की आठ शास्त्रीय नृत्य शैलियों में से एक है। वाराणसी कथक के बनारस घराना का प्रमुख केंद्र रहा है।

मुख्य बिंदु

  • बनारस कथक घराना
  • कथक कहां देखें

बनारस कथक घराना

बनारस घराने का कथक अपने सुंदर पैर के कार्य, जटिल हाथ के हाव-भाव और नाटकीय चेहरे की अभिव्यक्ति के लिए जाना जाता है।

घराने की स्थापना 18वीं सदी में जानकीप्रसाद ने की थी।

मुख्य विशेषताएं

जोरदार पैर का कार्य, नाटकीय अभिनय, तेज़ पिरूएट, और प्रसिद्ध तत्कर।

प्रशिक्षण अवधि

गुरु के अधीन न्यूनतम 10 साल की कठोर प्रशिक्षण।

कथक कहां देखें

वाराणसी भर में सांस्कृतिक स्थानों पर नियमित रूप से कथक प्रदर्शन होते हैं।

संकट मोचन उत्सव

अप्रैल-मई। प्रसिद्ध नर्तकों के साथ समर्पित कथक शामें।

होटल प्रदर्शन

कई हेरिटेज होटलों में दैनिक कथक शो। Rs 500-1500 प्रति व्यक्ति।

त्वरित सुझाव

बनारस कथक घराना जोरदार पैर के कार्य और नाटकीय अभिनय के लिए जाना जाता है। अप्रैल-मई में संकट मोचन उत्सव या हेरिटेज होटलों में प्रदर्शन देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बनारस कथक लखनऊ कथक से कैसे अलग है?

बनारस शैली अधिक जोरदार और ऊर्जावान है। लखनऊ शैली नरम और अधिक सुंदर है।

क्या शुरुआती लोग वाराणसी में कथक कक्षाएं ले सकते हैं?

हां, कई नृत्य विद्यालय शुरुआती पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। साप्ताहिक कक्षाएं Rs 500-1000।

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