छठ पूजा, इस क्षेत्र के सबसे पवित्र उत्सवों में से एक, भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित है।
मुख्य बिंदु
- चार दिवसीय अनुष्ठान
- घाटों पर उत्सव
चार दिवसीय अनुष्ठान
छठ चार दिन तक चलता है। पहला दिन: अनुष्ठानिक स्नान और सात्विक भोजन पकाना। दूसरा दिन: प्रसाद तैयार करना।
पहला दिन: नहाय-खाय
पवित्र स्नान और सादा सात्विक भोजन तैयार करना।
दूसरा दिन: खरना
शाम को प्रसाद से दिन भर का व्रत तोड़ा जाता है।
तीसरा दिन: संध्या अर्घ्य
अस्त होते सूर्य को शाम के अर्घ्य। मुख्य घाट कार्यक्रम।
चौथा दिन: उषा अर्घ्य
उगते सूर्य को भोर से पहले अर्घ्य। सबसे भावनात्मक क्षण।
घाटों पर उत्सव
मुख्य उत्सव अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और राजघाट पर होते हैं।
प्रमुख घाट
अस्सी घाट और राजघाट सबसे लोकप्रिय हैं। जल्दी पहुंचें।
ठेकुआ
गेहूं का आटा, गुड़ और घी से बना पारंपरिक प्रसाद।
त्वरित सुझाव
छठ पूजा अक्टूबर-नवंबर में, 4 दिन। अस्सी घाट और राजघाट पर मुख्य उत्सव। तीसरे दिन सूर्यास्त पर संध्या अर्घ्य। चौथे दिन भोर में उषा अर्घ्य।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या गैर-हिंदू छठ मना सकते हैं?
छठ कई मायनों में एक धर्मनिरपेक्ष उत्सव है। कोई भी सम्मानपूर्वक उत्सव में भाग ले सकता है।
छठ के दौरान व्रत कितना लंबा होता है?
दिन 3-4 का मुख्य व्रत निर्जला व्रत (बिना पानी के) है, लगभग 36 घंटे तक चलता है।
यह लेख पसंद आया?
नवीनतम वाराणसी यात्रा टिप्स अपने इनबॉक्स में प्राप्त करें।