वाराणसी में गंगा के किनारे 80 से अधिक घाट हैं, और उनमें से कई में दैनिक गंगा आरती होती है जो मंत्रमुग्ध कर देने वाली होती है। आरती गंगा माँ को अर्पित प्रकाश, अग्नि और प्रार्थना का एक भक्तिपूर्ण अनुष्ठान है। यहाँ सबसे महत्वपूर्ण घाटों पर आरतियों के समय की सम्पूर्ण गाइड है।
मुख्य बिंदु
- सुबह की आरती (4 AM - 7 AM)
- शाम की आरती (6 PM - 9 PM)
- घाट-वार समय
- आरती में भाग लेने के सुझाव
सुबह की आरती (4 AM - 7 AM)
दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त आरती से होती है, जो आध्यात्मिक अभ्यास के लिए सबसे शुभ समय है। अस्सी घाट सबसे लोकप्रिय सुबह की आरतियों में से एक का आयोजन करता है, जहाँ भोर से पहले सैकड़ों भक्त इकट्ठा होते हैं। दशाश्वमेध घाट भी सुबह की आरती करता है जो उतनी ही शक्तिशाली है।
शाम की आरती (6 PM - 9 PM)
शाम की आरतियां सबसे भव्य और अधिक उपस्थिति वाली होती हैं। दशाश्वमेध घाट की शाम की आरती सबसे प्रसिद्ध है, जो बहु-स्तरीय पीतल दीपों, शंख और लयबद्ध मंत्रोच्चारण के भव्य प्रदर्शन के लिए जानी जाती है। यह कार्यक्रम लगभग 45 मिनट चलता है और हर शाम हजारों पर्यटकों और भक्तों को आकर्षित करता है।
घाट-वार समय
प्रत्येक घाट की आरती का अपना अनूठा शैली और समय है। जबकि कुछ घाटों पर दिन में एक बार आरती होती है, मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र जैसे अन्य घाटों पर दिन भर पूजा होती रहती है। त्योहारों और मौसमी बदलाव के दौरान समय बदल सकते हैं, इसलिए हमेशा स्थानीय रूप से जांचें।
दशाश्वमेध
शाम 6:30 बजे रोजाना, सुबह 5:30 बजे
अस्सी घाट
सुबह 5:00 बजे, शाम 6:00 बजे
मणिकर्णिका
दिन-रात निरंतर पूजा
हरिश्चंद्र
सुबह और शाम को भोर और संध्या पर आरतियां
आरती में भाग लेने के सुझाव
अच्छा दृश्य स्थान पाने के लिए आरती से कम से कम 30-45 मिनट पहले पहुंचें। शाम की आरती के दौरान नाव की सवारी नदी से एक शानदार दृश्य प्रदान करती है। समारोह की पवित्रता का सम्मान करें और पूजा कर रहे भक्तों के दृश्य में बाधा डालने से बचें।
त्वरित सुझाव
दशाश्वमेध शाम की आरती 6:30 बजे देखने योग्य कार्यक्रम है। अच्छी जगह के लिए 5:45 बजे तक पहुंचें। नाव से दृश्य सबसे अच्छा है। फोटोग्राफी की अनुमति है लेकिन सम्मानपूर्वक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शाम की आरती के लिए टिकट चाहिए?
घाट आरतियों के लिए टिकट की आवश्यकता नहीं है। ये मुफ्त और सभी के लिए खुले हैं। हालांकि, कुछ ऑपरेटर शुल्क के लिए VIP दृश्य डेक प्रदान करते हैं।
क्या त्योहारों सहित हर दिन आरती होती है?
हाँ, दशाश्वमेध और अस्सी घाटों पर दैनिक आरतियां हर दिन, बारिश या धूप में होती हैं। गंगा दशहरा और देव दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान आरतियां और भी भव्य होती हैं।
क्या मैं आरती अनुष्ठान में भाग ले सकता हूँ?
हाँ, आगंतुक आरती किट खरीद सकते हैं और पुजारियों के मार्गदर्शन में भाग ले सकते हैं। यह आध्यात्मिक अनुभव में डूबने का एक सुंदर तरीका है।
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