कठपुतली पपेट शो वाराणसी में अभी भी जीवित एक प्राचीन कथा-वाचन परंपरा है। ये रंगीन लकड़ी की कठपुतलियाँ खुले मैदान में भारतीय पौराणिक कथाओं और लोककथाओं की कहानियाँ करती हैं।
मुख्य बिंदु
- कठपुतली कला
कठपुतली कला
प्रत्येक कठपुतली आम की लकड़ी से हाथ से तराशी जाती है और छोटी बनारसी रेशम की पोशाक में सजाई जाती है। कठपुतली चालक जटिल तंतु तंत्र का उपयोग करके एक साथ कई कठपुतलियों को नियंत्रित करता है।
त्वरित सुझाव
• सर्वोत्तम समय: सुबह जल्दी• अवधि: 1-2 घंटे• प्रवेश: अधिकांश निःशुल्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दौरा करने का सबसे अच्छा समय क्या है?
सुबह जल्दी सबसे अच्छा अनुभव प्रदान करता है।
यह लेख पसंद आया?
नवीनतम वाराणसी यात्रा टिप्स अपने इनबॉक्स में प्राप्त करें।