वाराणसी के घाट सूर्योदय से पहले रस्मों की एक श्रृंखला के साथ जीवंत हो उठते हैं।
मुख्य बिंदु
- पवित्र स्नान
पवित्र स्नान
दिन पवित्र स्नान से शुरू होता है। भक्त भोर से पहले गंगा में प्रवेश करते हैं।
स्नान के बाद, भक्त संध्या प्रार्थना करते हैं — उगते सूर्य की ओर मुंह करके तांबे के बर्तन का उपयोग करके सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं।
त्वरित सुझाव
• सर्वोत्तम समय: सुबह जल्दी या शाम• अवधि: 1-2 घंटे• प्रवेश: अधिकांश निःशुल्क• सुझाव: आरामदायक जूते पहनें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वाराणसी घाटों पर सुबह की रस्में: भोर में क्या होता है का दौरा करने का सबसे अच्छा समय क्या है?
सुबह जल्दी (5-8 बजे) कम भीड़ और सुंदर प्रकाश के साथ सबसे अच्छा अनुभव प्रदान करता है।
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