मणिकर्णिका घाट भारत के सबसे शक्तिशाली स्थानों में से एक है। पवित्र अग्नी सदियों से लगातार जलती रही है।
मुख्य बिंदु
- पौराणिक कथा
- अनंत ज्वाला
- दाह प्रक्रिया
- पर्यटक के रूप में यात्रा
पौराणिक कथा
नाम देवी सती के कर्णफूल से आया जो शिव के नृत्य के दौरान यहाँ गिरा।
अनंत ज्वाला
अखंड धूनी लगभग 3,500 वर्षों से लगातार जल रही है। डोम इसकी चौबीसों घंटे देखभाल करते हैं।
दाह प्रक्रिया
शरीर को मणिकर्णिका कुंड में स्नान कराया जाता है, सबसे बड़ा बेटा सिर मुंडवाकर चिता जलाता है।
पर्यटक के रूप में यात्रा
नदी से नाव द्वारा देखें, सबसे सम्मानजनक तरीका। घाट तक पैदल जा सकते हैं।
त्वरित सुझाव
3,500+ वर्षों से जलती लौ। नदी से नाव द्वारा अवलोकन। फोटोग्राफी वर्जित।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या कोई भी यहाँ दाह संस्कार करवा सकता है?
हिंदुओं को प्राथमिकता है लेकिन सभी धर्मों के लिए खुला है।
लागत क्या है?
बुनियादी दाह संस्कार लगभग 3,000-5,000 रुपये से शुरू।
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