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काशी विश्वनाथ मंदिर: 3,500 वर्षों का इतिहास

फ़ोटो: Unsplash

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Culture 15 min read अपडेट: 24 अगस्त 2026

काशी विश्वनाथ मंदिर: 3,500 वर्षों का इतिहास

संस्कृति

काशी विश्वनाथ मंदिर, 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक का घर, इतिहास में कई बार नष्ट और पुनर्निर्मित हुआ है।

काशी विश्वनाथ मंदिर सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है, जो भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग का घर है।

मुख्य बिंदु

  • प्राचीन उत्पत्ति
  • ज्योतिर्लिंग
  • दौरा सुझाव

प्राचीन उत्पत्ति

मंदिर 3,500 से अधिक वर्ष पुराना माना जाता है। मौजूदा संरचना इंदौर की रानी अहिल्याबाई होलकर ने 1780 में बनवाई थी।

मंदिर का पुनर्निर्माण 1983 में महाराष्ट्र सरकार ने किया। 2021 में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन हुआ।

आयु

3,500 से अधिक वर्ष। प्राचीन पुराणों में उल्लेख।

वर्तमान संरचना

रानी अहिल्याबाई होलकर द्वारा 1780 में निर्मित। 1983 और 2021 में पुनर्निर्मित।

ज्योतिर्लिंग

काशी विश्वनाथ का ज्योतिर्लिंग (प्रकाश का लिंग) स्वयंभू माना जाता है। यह भारत भर में 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

दर्शन समय

सुबह 2:30 बजे - शाम 7:00 बजे। उत्सवों के दौरान विस्तारित समय।

वीआईपी दर्शन

ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से उपलब्ध। Rs 300 प्रति व्यक्ति। मुख्य कतार छूटती है।

दौरा सुझाव

उत्सवों और श्रावण मास के सोमवार को मंदिर अत्यंत भीड़ भरा होता है। छोटी कतारों के लिए सुबह जल्दी जाएं।

प्रवेश

मुफ्त। वीआईपी दर्शन Rs 300। ऑनलाइन बुकिंग की सिफारिश।

प्रतिबंध

मंदिर के अंदर फोन, कैमरा या बड़े बैग नहीं। बाहर लॉकर उपलब्ध।

त्वरित सुझाव

काशी विश्वनाथ मंदिर 3,500+ वर्ष पुराना है। मुफ्त प्रवेश, वीआईपी दर्शन Rs 300। सुबह 2:30 बजे - शाम 7 बजे। छोटी कतारों के लिए सुबह जल्दी जाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दर्शन के लिए कतार कितनी लंबी है?

सामान्य दिन: 30-60 मिनट। सोमवार और उत्सव: 3-5 घंटे। वीआईपी दर्शन: 10-15 मिनट।

क्या कोई पहनावा नियम है?

विनम्र पारंपरिक वस्त्र की सिफारिश की जाती है।

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