पिंड दान वाराणसी में मृत पूर्वजों की आत्माओं को शांति देने के लिए किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है।
मुख्य बिंदु
- कब करें
- कहाँ करें
- चरण-दर-चरण
- लागत और बुकिंग
कब करें
पितृ पक्ष (सितंबर-अक्टूबर) में सबसे शुभ। साल भर किया जा सकता है।
कहाँ करें
मणिकर्णिका सबसे पवित्र है, उसके बाद हरिश्चंद्र और दशाश्वमेध।
चरण-दर-चरण
पंडित आपको 1-2 घंटे की पूजा में मार्गदर्शन करते हैं। मृत पूर्वजों के नाम और गोत्र लाएं।
नाम तैयार करें
मृत पूर्वजों के नाम और गोत्र दें
घाट जाएं
पंडित के साथ सुबह मणिकर्णिका जाएं
पिंड अर्पित करें
पंडित पूजा करते हैं, आप पिंड अर्पित करते हैं
लागत और बुकिंग
लागत 2,100 से 11,000 रुपये। ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध। चरम मौसम में 2-3 दिन पहले बुक करें।
त्वरित सुझाव
2-3 दिन पहले पंडित बुक करें। पितृ पक्ष या अमावस्या में सबसे अच्छा। नाम और गोत्र साथ रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या हाल ही में मृत के लिए किया जा सकता है?
हाँ, 13वें दिन (तेरहवीं) के बाद।
क्या मौजूद रहना जरूरी है?
पारंपरिक रूप से हाँ, लेकिन प्रॉक्सी पिंड दान उपलब्ध है।
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