गंगा आरती वाराणसी के सबसे प्रतिष्ठित अनुष्ठानों में से एक है। हर शाम दशाश्वमेध घाट पर युवा पुजारी बड़े पीतल के दीपक, धूप और मंत्रों से समन्वित अनुष्ठान करते हैं।
मुख्य बिंदु
- अनुष्ठान का विवरण
- पर्यटकों के लिए सुझाव
अनुष्ठान का विवरण
आरती सूर्यास्त के समय शुरू होती है जब पुजारी पवित्र अग्नि, फूलों और शंख से गंगा की पूजा करते हैं।
सात पुजारी, सात महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व करते हुए, एक साथ आरती करते हैं।
सबसे अच्छी देखने की जगह
दशाश्वमेध घाट की ऊपरी सीढ़ियों से सबसे अच्छा दृश्य मिलता है।
अवधि
आरती लगभग 45 मिनट चलती है, सूर्यास्त से शुरू होती है।
पर्यटकों के लिए सुझाव
अच्छी देखने की जगह के लिए कम से कम एक घंटा पहले पहुंचें।
नाव से देखना
अद्वितीय दृश्य के लिए नाव किराए पर लें और नदी से आरती देखें।
पहनावा
विनम्रता से कपड़े पहनें। सम्मान के प्रतीक के रूप में कंधे और घुटने ढकें।
फोटोग्राफी
फोटोग्राफी की अनुमति है लेकिन फ्लैश का उपयोग न करें।
निर्देशों का पालन करें
स्वयंसेवकों की बात सुनें और समारोह के दौरान शिष्टता बनाए रखें।
त्वरित सुझाव
गंगा आरती हर दिन सूर्यास्त पर दशाश्वमेध घाट पर होती है। अच्छी जगह के लिए एक घंटा पहले पहुंचें। घाट की सीढ़ियों पर मुफ्त दर्शन। नाव की सीटें उपलब्ध हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या गंगा आरती देखना मुफ्त है?
हां, घाट की सीढ़ियों से देखना मुफ्त है। नाव या विशेष प्लेटफॉर्म पर बैठने का शुल्क हो सकता है।
क्या आरती हर दिन होती है?
हां, गंगा आरती हर शाम सूर्यास्त पर बिना रुके होती है, त्योहारों और मानसून में भी।
क्या मैं आरती में भाग ले सकता हूं?
दर्शक दर्शक क्षेत्र से देखते हैं। भागीदारी आमतौर पर प्रशिक्षित पुजारियों तक सीमित है, लेकिन आप नदी के किनारे प्रार्थना कर सकते हैं।
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