अस्सी घाट वाराणसी का दक्षिणतम घाट है, जो अपने जीवंत माहौल, नदी किनारे कैफे और पवित्र अस्सी नदी के संगम के लिए प्रसिद्ध है। यह पर्यटकों और विश्वविद्यालय छात्रों दोनों के बीच सबसे लोकप्रिय घाट है।
मुख्य बिंदु
- इतिहास और किंवदंतियाँ
इतिहास और किंवदंतियाँ
घाट का नाम अस्सी नदी से पड़ा जो यहाँ गंगा में मिलती थी। किंवदंती है कि देवी दुर्गा ने राक्षसों शुम्भ और निशुम्भ का वध करने के बाद अपनी तलवार फेंकी, जिससे अस्सी धारा बनी जिसने घाट को अपना नाम दिया।
त्वरित सुझाव
• सर्वोत्तम समय: सुबह जल्दी• अवधि: 1-2 घंटे• प्रवेश: अधिकांश निःशुल्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दौरा करने का सबसे अच्छा समय क्या है?
सुबह जल्दी सबसे अच्छा अनुभव प्रदान करता है।
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